गैंग्स ऑफ़ वासेपुर : एक ऑथेंटिक कथा

शुरुआत एक पाप-स्वीकारोक्ति और अनुराग कश्यप से क्षमा याचना के साथ शुरू करना चाहूँगा . पाप ये है की मैंने उनकी फिल्म गैंग्स  ऑफ़ वासेपुर इन्टरनेट पर देखी और कारण ये है की मई जहा हु उनकी फिल्म कभी रिलीज़ नहीं होगी और मुझ बिहारी के लिए संभव नहीं है की वो लम्बे समय तक उनके इस 'मुस्लिम महाभारत' को ना देखे रह सके।       हमारे समय में बहुत सारी  फिल्मे...