
मै एक छुटभैया किस्म का लेखक हु जो कही न कही या हर कही कुछ न कुछ लिख ही देते है. ये ऐसी प्रजाति है जो कभी कभी लिखते है और कभी कभी बस लिखने के लिए लिख देते है. इधर बीच मै कई जगह लिख रहा था. कारण था की मेरी अंग्रेजी बहुत ख़राब थी. अभी भी बहुत अछी नहीं है पर भारत के कई राज नेताओ और अभिनेताओ से अछी है. एक समय था की मेरी हिंदी बहुत अछी थी. मै जब 'अछी ' बोल रहा हु तो सच में अछी थी पर...